प्रजननक्षमता
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क्या आहार प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है?
हाँ, आहार (Diet) प्रजनन क्षमता (Fertility) को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करता है। आप जो खाते हैं वह हार्मोनल संतुलन, ओव्यूलेशन (Ovulation) की गुणवत्ता, शुक्राणु स्वास्थ्य (Sperm Health) और समग्र प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। स्वस्थ जीवनशैली के साथ पोषक तत्वों से भरपूर आहार प्रजनन परिणामों को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। क्या आहार प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है? (Does Diet Affect Fertility?) यह कोई रहस्य नहीं है कि स्वस्थ आहार हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके खाने की आदतें आपकी प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकती हैं? अनुसंधान से पता चलता है कि कुछ पोषक तत्वों और आहार पैटर्न का प्रजनन क्षमता पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाले मुख्य पोषक तत्व कौन से हैं? प्रजनन क्षमता के लिए कई पोषक तत्व महत्वपूर्ण हैं: · फोलिक एसिड/फोलेट: यह डीएनए संश्लेषण में मदद करता है और ओव्यूलेशन को बेहतर बनाने के साथ-साथ न्यूरल ट्यूब दोषों के जोखिम को कम करता है। · आयरन (लौह): मासिक धर्म से संबंधित रक्त की हानि के कारण आयरन महत्वपूर्ण है, और इसकी कमी ओव्यूलेटरी बांझपन से जुड़ी हो सकती है। · जिंक (जस्ता): पुरुष प्रजनन क्षमता के लिए आवश्यक है, यह शुक्राणु उत्पादन और टेस्टोस्टेरोन के स्तर को प्रभावित करता है। · ओमेगा-3 फैटी एसिड: यह हार्मोनल विनियमन और शुक्राणु की गतिशीलता (Sperm Motility) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। · एंटीऑक्सीडेंट (जैसे विटामिन C और E): ये पुरुष और महिला दोनों प्रजनन कोशिकाओं को मुक्त कणों से होने वाले ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाते हैं। प्रजनन क्षमता के लिए मुझे किस प्रकार के आहार पैटर्न पर ध्यान देना चाहिए?…
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क्या बांझपन आम होता जा रहा है ?
हाँ, यह कहना सही होगा कि बांझपन (Infertility) की समस्या वैश्विक स्तर पर आम होती जा रही है और यह…
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बांझपन कितना आम है?
बांझपन (infertility) एक ऐसा विषय है जिस पर अक्सर लोग खुलकर बात करने से कतराते हैं, जबकि यह एक बहुत ही आम स्वास्थ्य समस्या है। अक्सर, जोड़े खुद को अकेला महसूस करते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि वे इस संघर्ष में अकेले नहीं हैं। बांझपन कितना आम है? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, विश्व स्तर पर 8 से 10 प्रतिशत जोड़े बांझपन से प्रभावित हैं। इसे और आसान बनाने के लिए: · हर 6 में से लगभग 1 जोड़ा अपने जीवनकाल में किसी न किसी बिंदु पर बांझपन का अनुभव करता है। · दुनिया भर में, प्रजनन आयु (reproductive age) की लाखों महिलाएं (15-49 वर्ष) बांझपन की समस्या का सामना कर रही हैं। यह आँकड़ा स्पष्ट करता है कि बांझपन एक व्यक्तिगत नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता है, जो बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करती है। बांझपन के प्रकार और उनकी व्यापकता बांझपन को आम तौर पर दो मुख्य श्रेणियों में बाँटा जाता है: 1. प्राथमिक बांझपन (Primary Infertility): यह तब होता है जब एक महिला ने कभी गर्भधारण नहीं किया होता है। 2. द्वितीयक बांझपन (Secondary Infertility): यह तब होता है जब एक महिला पहले कम से कम एक बार गर्भधारण कर चुकी हो, लेकिन अब वह दोबारा गर्भधारण करने में असमर्थ है। दोनों ही प्रकार के मामले समान रूप से आम हैं और दोनों के लिए ही चिकित्सा सहायता उपलब्ध है। बांझपन के पीछे कौन? एक आम मिथक यह है कि बांझपन हमेशा महिला की समस्या होती है, जबकि यह सत्य नहीं है। · लगभग एक तिहाई मामलों में, बांझपन का कारण पुरुषों से संबंधित होता है। · लगभग एक तिहाई मामलों में, यह महिलाओं से संबंधित होता है। · शेष मामलों में, या तो यह दोनों का संयुक्त कारण होता है, या फिर इसका कोई अज्ञात कारण होता है।…
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