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कम स्पर्म काउंट के लक्षण क्या हैं?
कम स्पर्म काउंट (Low Sperm Count) के लक्षण क्या हैं? जानिए कारण, संकेत और जांच के तरीके आज की तनावपूर्ण जीवनशैली, गलत खान-पान और बढ़ते प्रदूषण के कारण पुरुषों में फर्टिलिटी (प्रजनन क्षमता) से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इनमें से एक मुख्य समस्या है कम स्पर्म काउंट (Low Sperm Count), जिसे मेडिकल भाषा में ‘ओलिगोस्पर्मिया’ (Oligospermia) कहा जाता है। अक्सर पुरुषों को इस बात का अंदाजा तब तक नहीं होता, जब तक वे माता-पिता बनने की कोशिश नहीं करते। क्या कम स्पर्म काउंट के लक्षण आसानी से दिखते हैं? नहीं, हमेशा नहीं। कम स्पर्म काउंट का कोई ऐसा स्पष्ट बाहरी लक्षण नहीं होता जिसे आप शीशे में देखकर या रोजमर्रा की जिंदगी में तुरंत पहचान सकें। अधिकांश पुरुष पूरी तरह स्वस्थ महसूस करते हैं, उनका यौन जीवन सामान्य होता है और उनके वीर्य (Semen) का रंग या मात्रा भी देखने में सामान्य लग सकती है। इसका सबसे प्रमुख और मुख्य लक्षण है असुरक्षित यौन संबंध बनाने के एक साल या उससे अधिक समय बाद भी पार्टनर का गर्भधारण (Pregnancy) न कर पाना। कम स्पर्म काउंट के छिपे हुए संकेत और लक्षण भले ही कम स्पर्म काउंट का कोई सीधा लक्षण न हो, लेकिन इसके पीछे छिपे अंतर्निहित कारणों (जैसे हार्मोनल असंतुलन, क्रोमोसोमल असामान्यता या कोई मेडिकल स्थिति) की वजह से शरीर में कुछ बदलाव दिखाई दे सकते हैं: यौन इच्छा में कमी (Low Libido) यदि शरीर में टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) हार्मोन का स्तर कम है, तो पुरुष की सेक्स के प्रति इच्छा कम हो सकती है। इसके अलावा, इरेक्शन को बनाए रखने में कठिनाई (Erectile Dysfunction) होना भी एक संकेत हो सकता है। अंडकोष (Testicles) के आसपास दर्द या सूजन यदि अंडकोष के हिस्से में लगातार हल्का दर्द रहता है, सूजन आ जाती है, या कोई गांठ महसूस होती है, तो यह ‘वेरिकोसील’…
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क्या फर्टिलिटी की जाँच के लिए हार्मोन के ब्लड टेस्ट घर पर किए जा सकते हैं? (जैसे: प्रोजेस्टेरोन, AMH)
हाँ, आज के दौर में फर्टिलिटी से जुड़े मुख्य हार्मोन टेस्ट घर पर करना संभव और काफी लोकप्रिय हो गया है। तकनीक ने अब इसे इतना आसान बना दिया है कि आपको लैब जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। फर्टिलिटी टेस्ट अब घर पर: क्या यह भरोसेमंद है? जब बात गर्भधारण (Conception) की आती है, तो शरीर के हार्मोन का संतुलन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पहले इन जाँचों के लिए बार-बार क्लिनिक के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब ‘एट-होम फर्टिलिटी किट्स’ (At-home fertility kits) ने इसे बदल दिया है। घर पर कौन से टेस्ट किए जा सकते हैं? 1. AMH (Anti-Müllerian Hormone): यह टेस्ट महिलाओं के ‘अंडे के भंडार’ (Ovarian Reserve) की स्थिति बताता है। 2. प्रोजेस्टेरोन (Progesterone): यह जाँचने के लिए कि ओव्यूलेशन (Ovulation) हुआ है या नहीं और क्या गर्भाशय गर्भधारण के लिए तैयार है। 3. FSH (Follicle-Stimulating Hormone): यह अंडों के विकास और मेनोपॉज के संकेतों को समझने में मदद करता है। 4. थायराइड और प्रोलैक्टिन: ये हार्मोन सीधे तौर पर ओव्यूलेशन चक्र को प्रभावित करते हैं। यह काम कैसे करता है? आमतौर पर, ये किट्स दो तरह की होती हैं: · ब्लड स्पॉट टेस्ट (Finger…
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